रजिस्ट्री के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं
रजिस्ट्री के दिन एक काग़ज़ कम पड़ जाए तो पूरा स्लॉट निकल जाता है और दोबारा आना पड़ता है। यह सूची छापकर साथ रख लीजिए।
खरीदार (क्रेता)
- आधार कार्ड — ई-केवाईसी आधार ओटीपी या वीडियो से होती है, इसलिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए
- पैन कार्ड — ₹50 लाख से ऊपर की संपत्ति पर अनिवार्य है, और उसी पर टीडीएस भी बनता है
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- ई-स्टाम्प — SAMPADA 2.0 से बनवाया हुआ, पूरी रकम का
विक्रेता
- आधार और पैन
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- संपत्ति का मूल विक्रय पत्र या जो भी मालिकाना दस्तावेज़ हो
- नामांतरण की नक़ल (म्यूटेशन) और खसरा-खतौनी, जहाँ लागू हो
- नगर निगम / पंचायत की संपत्ति कर रसीद, बिजली का बिल
गवाह
- दो गवाह, दोनों के आधार और फ़ोटो
- गवाह रजिस्ट्री के वक़्त मौजूद रहेंगे
दिन से पहले
- गाइडलाइन के हिसाब से मूल्यांकन निकलवा लीजिए — SAMPADA पर संपत्ति मूल्यांकन आईडी बन जाती है
- ई-स्टाम्प पूरी रकम का बनवाइए; कम पड़ने पर उसी दिन दोबारा बनवाना पड़ता है
- SAMPADA 2.0 पर स्लॉट लीजिए
- दस्तावेज़ का मसौदा (डीड ड्राफ्ट) पहले से पढ़ लीजिए — नाम, क्षेत्रफल, चौहद्दी और रकम की एक-एक बात मिलाइए
- संपत्ति पर कोई क़र्ज़ या रोक तो नहीं — यह पहले जाँच लीजिए
टीडीएस — ₹50 लाख से ऊपर
पचास लाख से ऊपर की अचल संपत्ति पर खरीदार को आयकर अधिनियम के तहत टीडीएस काटकर जमा करना होता है। यह रजिस्ट्री शुल्क से पूरी तरह अलग है और उप-पंजीयक कार्यालय में नहीं भरा जाता। दर, फ़ॉर्म और आख़िरी तारीख़ आयकर विभाग की साइट पर देखिए — हम उसे यहाँ आँकड़े के रूप में नहीं लिखते क्योंकि वह हमारा विषय नहीं है। incometax.gov.in
यह सरकारी वेबसाइट नहीं है
Registry99 एक निजी वेबसाइट है। हम पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग नहीं हैं, न हमारा उससे कोई संबंध है। हम न स्लॉट बुक कर सकते हैं, न ई-स्टाम्प जारी कर सकते हैं, न दस्तावेज़ पंजीबद्ध कर सकते हैं। यहाँ दिए आँकड़े विभाग के प्रकाशित स्रोतों से लिए गए हैं और आपकी जानकारी के लिए हैं। भुगतान से पहले SAMPADA 2.0 या उप-पंजीयक कार्यालय से रकम की पुष्टि ज़रूर कीजिए।