मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026: गाँव की आबादी ज़मीन की रजिस्ट्री अब मुफ़्त — पूरी जानकारी
23 सितम्बर 2026
17 सितम्बर 2026 को इंदौर से शुरू हुई "स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026" के तहत मध्य प्रदेश के करीब 50 लाख ग्रामीण मकानों की रजिस्ट्री बिना शुल्क होगी। किसे मिलेगी, क्या-क्या माफ़ है, और शहर की सामान्य रजिस्ट्री से यह कैसे अलग है।
योजना क्या है, एक लाइन में
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 सितम्बर 2026 को इंदौर से "स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026" की शुरुआत की। इसके तहत गाँव की आबादी भूमि पर बने मकान का मालिकाना हक़ अभिलेख में दर्ज होता है और उसकी रजिस्ट्री बिना कोई शुल्क लिए कर दी जाती है।
राज्य सरकार के अनुसार ऐसी मुफ़्त रजिस्ट्री देने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। रिपोर्टों के मुताबिक़ अभियान का लगभग ₹4,000 करोड़ का खर्च राज्य स्वयं वहन करेगा — यानी यह भार नागरिक पर नहीं आता।
यह किस ज़मीन के लिए है
यह योजना केंद्र की स्वामित्व (SVAMITVA) योजना पर टिकी है, जिसमें ड्रोन सर्वे से गाँव की आबादी भूमि का नक़्शा और अधिकार अभिलेख तैयार किया गया है। मध्य प्रदेश में अब तक 41,568 गाँवों में सर्वे पूरा हो चुका है और करीब 68.47 लाख भूखंडों के अभिलेख बन चुके हैं।
ध्यान रखें: यह रियायत गाँव की आबादी वाली आवासीय ज़मीन के लिए है। शहर के प्लॉट-फ्लैट की ख़रीद-बिक्री या कृषि भूमि का सामान्य विक्रय इसमें नहीं आता।
क्या-क्या शुल्क माफ़ है
सामान्य विक्रय पत्र पर मध्य प्रदेश में कुल 12.5% शुल्क लगता है। इस योजना के पात्र मकान पर वह भार नहीं पड़ता।
| पंजीयन शुल्क | माफ़ |
| जनपद / पंचायत उपकर | माफ़ |
| अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क | माफ़ |
| नागरिक को देय | ₹0 |
इसका सीधा मतलब यह है कि पात्र ग्रामीण को अपने मकान का मालिकाना दस्तावेज़ पाने के लिए काउंटर पर कोई रकम नहीं देनी पड़ती।
पात्रता और ज़रूरी चीज़ें
मकान गाँव की आबादी भूमि पर हो और उसका अधिकार अभिलेख इसी सर्वे में तैयार हुआ हो।
साथ रखें — समग्र (Samagra) आईडी, ई-केवाईसी/OTP के लिए चालू मोबाइल नंबर, और अपने भूखंड का अधिकार अभिलेख या उससे लिंक। सही और पूरी सूची अपने गाँव के शिविर या पटवारी से पुष्टि कर लें।
प्रक्रिया — होता कैसे है
रिपोर्टों के अनुसार गाँव और पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगते हैं। पटवारी SARA और SAMPADA जैसे मोबाइल ऐप से प्रविष्टि करता है, और तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक पंजीयन अधिकारी की भूमिका में रहते हैं। दस्तावेज़ तैयार होकर लाभार्थी के मोबाइल पर व्हाट्सऐप से भेज दिया जाता है।
अभियान 17 सितम्बर 2026 से शुरू होकर करीब एक माह चलेगा। अपने गाँव के शिविर की सही तारीख़ पटवारी या ग्राम पंचायत से पुष्टि कर लें — तारीख़ें क्षेत्र के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
शहर की रजिस्ट्री से यह कैसे अलग है
अगर आप इंदौर या भोपाल में प्लॉट, मकान या फ्लैट ख़रीद रहे हैं, तो यह मुफ़्त वाली योजना आप पर लागू नहीं होती। वहाँ आज भी विक्रय पत्र पर वही 12.5% लगता है — शासकीय स्टाम्प 5% + नगरीय निकाय 3% + जनपद 1% + उपकर 0.5% + पंजीयन 3%। दोनों को एक न समझें।
अपनी लोकेशन का असली खर्च देखने के लिए नीचे दिया रजिस्ट्री खर्च कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
अपना खर्च खुद निकालिए
इंदौर-भोपाल में सामान्य विक्रय की रजिस्ट्री पर आज भी 12.5% लगता है। अपनी लोकेशन का सही आँकड़ा इनसे देखिए:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इस योजना में शहर की रजिस्ट्री भी मुफ़्त है?
नहीं। यह रियायत केवल गाँव की आबादी भूमि के पात्र मकानों के लिए है। शहर की सामान्य प्लॉट/फ्लैट रजिस्ट्री पर सामान्य 12.5% शुल्क लगता है।
कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
समग्र आईडी, ई-केवाईसी के लिए चालू मोबाइल, और भूखंड का अधिकार अभिलेख या लिंक। पूरी सूची अपने गाँव के शिविर या पटवारी से पुष्टि करें।
अभियान कब तक चलेगा?
17 सितम्बर 2026 से लगभग एक माह। गाँव के शिविर की सही तारीख़ पटवारी या ग्राम पंचायत से जानें।
क्या Registry99 यह रजिस्ट्री करा सकता है?
नहीं। Registry99 एक निजी जानकारी वेबसाइट है, कोई सरकारी विभाग नहीं। यह रजिस्ट्री सरकारी शिविर या उप-पंजीयक कार्यालय में ही होती है।
स्रोत
- स्वामित्व योजना — पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार
- प्रधानमंत्री कार्यालय — स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड (प्रेस विज्ञप्ति)
- पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, मध्य प्रदेश
यह सरकारी वेबसाइट नहीं है
Registry99 एक निजी वेबसाइट है। हम पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग नहीं हैं, न हमारा उससे कोई संबंध है। हम न स्लॉट बुक कर सकते हैं, न ई-स्टाम्प जारी कर सकते हैं, न दस्तावेज़ पंजीबद्ध कर सकते हैं। यहाँ दिए आँकड़े विभाग के प्रकाशित स्रोतों से लिए गए हैं और आपकी जानकारी के लिए हैं। भुगतान से पहले SAMPADA 2.0 या उप-पंजीयक कार्यालय से रकम की पुष्टि ज़रूर कीजिए।